ब्लड मून का अद्भुत नज़ारा! भारत से दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण

 

सितंबर में दिखेगा साल का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण, क्यों कहलाता है ‘ब्लड मून’?


आसमान का सबसे अनोखा नज़ारा इस साल सितंबर में पूरी दुनिया को देखने को मिलेगा। 7 और 8 सितंबर 2025 की रात को पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगेगा। यह ग्रहण भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों से साफ़-साफ़ दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा लालिमा लिए हुए दिखाई देगा, जिसे हम ब्लड मून कहते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह साल 2022 के बाद भारत से दिखाई देने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।


ग्रहण कब और कितने बजे शुरू होगा?


भारत में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात 8:58 बजे से शुरू होगा और धीरे-धीरे अपनी पूर्ण अवस्था में पहुंचेगा। आधी रात तक यह नज़ारा सबसे अद्भुत रूप में नज़र आएगा। चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाएगा और लाल रंग का दिखाई देने लगेगा। यह नज़ारा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, हैदराबाद और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में नग्न आंखों से देखा जा सकेगा।


चंद्र ग्रहण कैसे लगता है?


चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा पर पड़ती है तो वह पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाता है। इस बार का ग्रहण पूर्ण होगा, यानी पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाएगा।


इसे ब्लड मून क्यों कहते हैं?


पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान, चंद्रमा पूरी तरह काला दिखाई नहीं देता। उसकी सतह पर लाल या तांबे जैसी आभा दिखाई देती है। इसे ही ब्लड मून कहा जाता है।


चंद्रमा लाल क्यों हो जाता है?


इसका कारण है पृथ्वी का वातावरण। जब सूर्य की किरणें पृथ्वी से गुजरती हैं तो उनमें से नीली रोशनी बिखर जाती है और लाल रोशनी वायुमंडल से होकर चंद्रमा तक पहुंचती है। यही लाल रोशनी चंद्रमा की सतह पर पड़ती है और चांद हमें रक्तिम दिखाई देने लगता है। इसी वजह से पूर्ण चंद्र ग्रहण को ब्लड मून कहा जाता है।


कहां-कहां दिखाई देगा यह ग्रहण?


यह अद्भुत नज़ारा भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई हिस्सों में साफ़ तौर पर दिखाई देगा। भारत में लगभग हर राज्य से इसे देखा जा सकेगा।


कैसे देखें सुरक्षित रूप से?


चंद्र ग्रहण देखने के लिए आपको किसी दूरबीन या खास चश्मे की ज़रूरत नहीं है। इसे आप सीधे आंखों से देख सकते हैं। शहर की रोशनी और प्रदूषण से बचने के लिए खुली जगह या छत पर जाकर आसमान की ओर देखें। यह नज़ारा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे आंखों को कोई नुकसान नहीं होता।

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