राखी 2025 के शुभ मुहूर्त – मनाएं भाई-बहन का पवित्र बंधन

भाई की कलाई पर सजी एक छोटी-सी राखी… लेकिन उस धागे में छुपा होता है वर्षों का प्यार, बचपन की शरारतें, अनगिनत यादें और एक अटूट वचन – हर परिस्थिति में साथ निभाने का। रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, यह रिश्तों की गर्माहट का उत्सव है। इस साल रक्षाबंधन 2025 पर शुभ मुहूर्त का इंतज़ार सभी को है, क्योंकि सही समय पर बांधी गई राखी न केवल परंपरा को पूर्ण करती है, बल्कि आशीर्वाद और सौभाग्य भी लाती है।


शुभ मुहुर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो रहा है और बहनें दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक राखी बांध सकेगी

(भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही राखी बांधना शुभ माना गया है)

उस पल, जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, मंत्र उच्चारण करती है, और भाई अपनी बहन को जीवनभर सुरक्षा का वचन देता है – वहां सिर्फ समय नहीं, भावनाएं भी पवित्र हो जाती हैं। तो इस रक्षाबंधन, अपने रिश्तों में प्यार, सम्मान और अपनापन भरें। राखी के धागे को सिर्फ सजावट न समझें, इसे अपने दिल का वादा बनाएं।

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